21 जुलाई 2013 - 19:30
हिज़बुल्लाह को आतंकवादी संगठनों की सूची में शामिल करने की साज़िश।

अदनान मंसूर नें आज अलसफ़ीर अख़बार को दिये इन्टरव्यू में कहा कि अमरीका, ब्रिटेन, फ़्राँस और ज़ायोनी लॉबियों की तरफ़ से यूरोपीय यूनियन पर सख़्त दबाव के बाद भी यूरोपीय यूनियन की तरफ़ से हिज़बुल्लाह का नाम आतंकवादी संगठनों की सूची में शामिल करना आसान नहीं होगा

लेबनान के विदेशमंत्री अदनान मंसूर नें कहा है कि लेबनान के कुछ राजनीतिक संगठन हिज़बुल्लाह को आतंकवादी संगठनों की सूची में शामिल करने के लिये साज़िश कर रहे हैं। अदनान मंसूर नें आज अलसफ़ीर अख़बार को दिये इन्टरव्यू में कहा कि अमरीका, ब्रिटेन, फ़्राँस और ज़ायोनी लॉबियों की तरफ़ से यूरोपीय यूनियन पर सख़्त दबाव के बाद भी यूरोपीय यूनियन की तरफ़ से हिज़बुल्लाह का नाम आतंकवादी संगठनों की सूची में शामिल करना आसान नहीं होगा। उन्होंने कहा कि अगर ऐसा हुआ तो लेबनान की सरकार को बहुत ही गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ेगा क्योंकि हिज़बुल्लाह लेबनानी समाज का हिस्सा है नाकि आतंकवादी संगठन।लेबनान के विदेशमंत्री नें कहा कि लेबनान के कुछ राजनीतिक लोग, कुछ यूरोपीय देश और राजदूतों के साथ मिलकर यूरोपीय यूनियन पर दबाव डाल रहे हैं कि हिज़बुल्लाह का नाम आतंकवादी संगठनों में शामिल करें।उधर हिज़बुल्लाह नें कहा है कि हिज़बुल्लाह साज़िशों का डट कर सामना करेगा। हिज़बुल्लाह मजलिसे उल्मा के उप प्रमुख नें हिज़बुल्लाह की अहेम पोज़ीशन की तरफ़ इशारा करते हुए कहा कि हिज़बुल्लाह धमकियों से डरने वाला नहीं है और नाहि अमरीकी एजण्टों को ग़लत फ़ायदा उठाने का अवसर देगा बल्कि साज़िशों का डट कर सामना करेगा।